हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हौज़ा ए इल्मिया क़ुम के प्रोफ़ेसर आयतुल्लाह सैफ़ी माज़ंदरानी ने अमेरिका और इजरायली शक्तियो की ओर से इस्लामी गणतंत्र ईरान पर हमलो और दुनिया के शियो के महान मरजअ और इस्लामी उम्मत के सुप्रीम लीडर शहीद आयतुल्लाहिल उज़्मा इमाम ख़ामेनई की शहादत के बाद अपने संदेश मे कहा कि इस्लाम के जंगजूओ को चाहिए वह मक्कार और विश्वासघाती दुश्मन का पीछे करने से कभी पीछे न हटें और उन्हे किसी प्रकार मोहलत न दें। उनके संदेश का पाठ इस प्रकार हैः
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्राहीम व सलल्लाहो अला मुहम्मदिन व आलेहित ताहेरीन
कालल्लाहुल हकीम फ़ी मोहकमे किताबेहिः व लिल्लाहिल इज़्ज़तो व लेरसूलेहि व लिलमोमेनीना (सूर ए मुनाफ़ेक़ून, 8)
अल लज़ीना आमनू युक़ातेलूना फ़ी सबीलिल्लाहे वल लज़ीना कफ़रू युक़ातेलूना फ़ी सबीलित ताग़ूते फ़क़ातेलू औलिया अश शैताने (सूर ए नेसा 76)
कभी भी बहुदेववादी और विश्वासघाती और मक्कार दुशमन के पीछा करने और उसे पकड़ने के प्रयास मे आलस ना दिखाओ।
मेरा संबोधन फ़ी सबीलिल्लाह लड़ने वाले मुजाहेदीन, इलाही शक्तियो, जान नेसार सेनाओ वलीयुल्लाहिल आज़म इमाम ज़माना (अ) के सिपाहियो, रुहुल्लाह ख़ुमैनी के सिपाहीयो, बहादुर और जागरुक जनता और अपने शहीद इमाम के नाहक़ बहाए गए ख़ून का प्रतिशोध लेने वालो से है।
हे इस्लाम के जंगजुओ
हे फ़ी सबीलिल्लाह मुजाहेदीन
मक्कार और विश्वासघाती दुशमन का पीछे करने मे कभी कमज़ोरी ना दिखाओ, उसकी तलाश और निरंतर प्रयास मे रहो उसे कदापि मोहलत न दो।
अगर युद कुरूक्षेत्र मे और बमबारी के नीचे घायल होते हो और दर्द सहन करते हो तो वह भी तुम्हारी तरह घायल होते है और दर्द महसूस करते है लेकिन तुम्हारी श्रेष्ठता यह है कि तुम्हारे साथ अल्लाह है और आखेरत मे हमारे शहीदो के लिए अल्लाह की हमेशा रहने वाली नेमते और इनाम प्रतीक्षा मे है उन्हे यह सआदत हासिल नही।
अल्लाह तआला तुम्हे बल और शक्ति प्रदान करे और तुम्हे बहुदेववादी दुशमन पर सफलता और विजय प्रदान करें।
वस सलामो अलैकुम वा रहमतुल्लाह वा बराकातोह
आपकी टिप्पणी